Intranet क्या है-What is Intranet in Hindi

Intranet क्या है- What is Intranet in Hindi, इंट्रानेट कैसे काम करता है और इंट्रानेट के फायदे व नुकसान

नमस्कार दोस्तों आज हम इन्टरनेट के टॉपिक इंट्रानेट के बारे में जानेंगे. आप सोच रहे होंगे कि इन्टरनेट तो सुना था लेकिन ये इंट्रानेट क्या होता है. बहुत से लोगो को ये दोनों शब्द एक जैसे लगते है. इसीलिये आज का टॉपिक है Intranet क्या है?

Intranet क्या है- What is Intranet in Hindi

Intranet क्या है- What is Intranet in Hindi

Intranet (इंट्रानेट) किसी कंपनी या संगठन का एक प्राइवेट नेटवर्क होता है जो वहा के कर्मचारियों के बीच सुरक्षित तरीके से कंपनी से जुडी जानकारी और संसाधनों को शेयर करता है. दूसरी भाषा में कहे तो Intranet, इन्टरनेट का छोटा और प्राइवेट वर्जन होता है जो किसी संगठन या कंपनी के कर्मचारियों द्वारा ही यूज किया जा सकता है.   

ये नेटवर्क केवल किसी कंपनी और वहा के कर्मचारियों के लिए ही विशेष तौर पर बनाया जाता है.  कंपनी चाहे तो अपने ग्राहक या किसी और को भी इसका एक्सेस दे सकती है. Intranet के द्वारा ही सुरक्षित रूप से गोपनीय जानकारी, Database, लिंक्स, एप्लीकेशन फॉर्म्स आदि स्टाफ को उपलब्ध कराया जाता है. Intranet में हर एक कंप्यूटर को एक अलग IP Address दिया जाता है .

Intranet इन्टरनेट प्रोटोकॉल (TCP/IP) पर आधारित होता है. ये हमेशा फ़ायरवॉल (Firewall) और दूसरे तरीको से अनाधिकृत उपयोग (Unauthorized access) से बचाकर रखा जाता है. कोई भी इन्टरनेट यूजर जिसे परमिशन नहीं है वो इंट्रानेट का यूज नहीं कर सकता है. फ़ायरवॉल सारे आने जाने वाले डाटा पैकेट्स को मॉनिटर करता है ताकि पैकेट्स के द्वारा कोई Unauthorized access ना हो सके.

Intranet का मीनिंग क्या है?

Intranet दो शब्दों से मिलकर बना है- Intra और Net.  Intra का अर्थ होता है अन्दर और Net का  मतलब नेटवर्क तो ये इंट्रानेट का अर्थ हुआ “अन्दर का नेटवर्क “. तो इंट्रानेट को हम किसी कंपनी के अन्दर मौजूद नेटवर्क को कहते है. 

Examples of Intranet:

1. IT Sector Intranet

आई टी सेक्टर में इंट्रानेट का बहुत ज्यादा यूज होता है. इस फील्ड में बहुत सी जानकारी को समय समय पर अपडेट करने के साथ, सहकर्मियों को सूचित भी करना होता है. जैसे किसी प्रोजेक्ट की गाइड लाइन में कुछ बदलाव किया गया हो तो ये जानकारी प्रोजेक्ट पर काम करने वालो लोगो को तुरंत पता चलनी चाहिए.

2. Educational Intranet

इस तरह का इंट्रानेट कॉलेज, स्कूल आदि में यूज होता है. इससे स्कूल के टीचर एक दूसरे से बात कर सकते है, स्टूडेंट की प्रोग्रेस रिपोर्ट शेयर कर सकते है और किसी भी तरह का अपडेट जैसे एग्जाम डेट, हॉलिडे, स्कूल कार्यक्रम आदि की जानकारी स्टाफ को तुरंत पहुचा दी जाती है. 

3. Health Care Intranet

Health Care Intranet बड़े हॉस्पिटल में काफी उपयोगी साबित होता है. मरीज की अपडेटेड रिपोर्ट डॉक्टर्स आराम से कही से भी देख सकते है. उन्हें मरीज के पास जाने की जरुरत नहीं होती है और ना ही एक विभाग से दूसरे विभाग में चक्कर लगाना पड़ता है. एडमिन कोई भी जरुरी जानकारी इंट्रानेट पर अपलोड कर सकता है जिससे स्टाफ को बार बार सूचित करने की जरुरत नहीं होती है.  

इंट्रानेट कैसे काम करता है-How the Intranet Works?

Intranet को एक Web server की जरुरत पड़ती है, और साथ में कुछ Applications की. वेब सर्वर एक हार्डवेयर होता है जो सभी इंट्रानेट के सॉफ्टवेर और डाटा को स्टोर रखता है. ये सर्वर ही सभी hosted File की रिक्वेस्ट को मैनेज करता है और जो भी फाइल यूजर request करता है उस फाइल को यूजर के कंप्यूटर को डिलीवर कर देता है. इंट्रानेट पर कंटेंट को मैनेज और पब्लिश करने के लिए Content management system को इनस्टॉल किया जाता है.

इंट्रानेट में अनेको इंटर लिंक LANs (लोकल एरिया नेटवर्क) हो सकते है. एक यूजर जो इंट्रानेट को यूज करना चाहता है उसे एक स्पेशल पासवर्ड की जरुरत पड़ती है और उसे LAN से भी कनेक्टेड होना चाहिए.  इसके अलावा अगर कोई Authorised user,  remotely या दूर है है तो VPN के द्वारा भी इंट्रानेट में लॉग इन करके फाइल्स को चेक कर सकता है.

किसी कंपनी के Intranet की बाहरी नेटवर्क से सुरक्षा के लिए Firewall software का यूज किया जाता है. firewall ही बाहरी इन्टरनेट और प्राइवेट इन्टरनेट की बीच में दीवार की तरह खड़ा रहता है. और सारे इनपुट आउटपुट रिक्वेस्ट पर नजर रखता है. और किसी request पर शक होता है तो उसे इंट्रानेट में जाने से रोक देता है.

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इंट्रानेट के लाभ – Advantages of Intranet in Hindi

  • Intranet सेट अप करने की लागत कम होती है. इसे कंपनी बहुत ही कम सब्सक्रिप्शन फीस पर यूज कर सकती है. इसके रख रखाव और प्रिंटिंग आदि का खर्चा नहीं आता है. आपको फैक्स करने की जरुरत नहीं है. आप बस इंट्रानेट में शेयर कर दे वो सबके लिए उपलब्ध हो जाएगी.
  • Intranet को इनस्टॉल करना और चलाना आसान होता है और ये इन्टरनेट से ज्यादा सुरक्षित होता है.
  • Intranet के द्वारा कंपनी के अन्दर संचार (communication) तेजी से होता है जिससे कर्मचारियों के बीच कोई भी डाटा, फाइल्स, घोषणा आदि से बिना किसी देरी के शेयर हो जाता है.  
  • आधुनिक इंट्रानेट अब तो ऐप भी उपलब्ध कराते है जिससे यूजर को हमेशा कंप्यूटर स्क्रीन के पास बैठने की जरुरत नहीं है.
  • कंपनी एफिशिएंसी बढ़ती है क्योंकि सारे डॉक्यूमेंट ऑनलाइन उपलब्ध रहते है और किसी फैक्स का इंतजार नहीं करना पड़ता है.
  • कंपनी के इन्टरनेट webpage पर डालने से आप इंट्रानेट पर किसी आईडिया को टेस्ट कर सकते है.

इंट्रानेट के नुकसान – Disadvantages of the Intranet in Hindi

  • इंट्रानेट कार्यस्थल (workplace) को डिजिटल कर देता है. जिससे ये होता है कि कर्मचारियों का एक दूसरे से आमने सामने बात चीत या इंटरेक्शन बहुत कम होने लगता है. क्योंकि ये हमेशा कंप्यूटर पर ही काम करते है. और ये कमी सहकर्मी के बीच सहयोग और बांड को प्रभावित करती है.
  • यदि firewall ठीक से इनस्टॉल नहीं हुआ हो और वह काम करना बंद कर दे तो हो सकता है आपका इंट्रानेट हैक हो जाए.
  • इंट्रानेट की सिक्योरिटी के लिए हमें मजबूत पासवर्ड की जरूरत पड़ती है ताकि कोई बाहरी भी पासवर्ड को क्रैक ना कर सके.
  • इस नेटवर्क का एक्सेस हमें अनेको यूजर्स को देना पड़ता है इसलिए इसे मैनेज करना मुश्किल हो सकता है.

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निष्कर्ष :  Intranet क्या है

दोस्तों मुझे पूरा यकीं है कि आपको ये पोस्ट Intranet क्या है (What is Intranet in Hindi) जरुर पसंद आई होगी.  कोई भी कंपनी या संगठन केवल अपने स्टाफ के लिए इंट्रानेट यूज करती है. ये इंट्रानेट किसी और कंपनी के साथ शेयर नहीं किया जाता है. इंट्रानेट का यूज निजी तौर पर किया जाता है.  

दोस्तों इस पोस्ट में कोई भी दिक्कत हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है. इस महत्वपूर्ण जानकारी को सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हात्सप्प, ट्विटर आदि पर शेयर जरुर करियेगा.

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