image credit-picture-alliance/dpa

क्यों ब्लैक बॉक्स का रंग नारंगी होता है?

जब भी कोई हवाई जहाज क्रैश होता है तो सबसे पहले फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर यानि कि ब्लैक बॉक्स खोजा जाता है.

ब्लैक बॉक्स टाइटेनियम मेटल से बना हुआ नारंगी रंग का इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स होता है जिसमे प्लेन से जुडी सारी जानकारी जैसे ऊंचाई, ऊपर जाने की स्पीड और फ्यूल आदि सारी जानकारी रिकॉर्ड होती है.

किसी भी तरह की प्लेन हादसे में ब्लैक बॉक्स सुरक्षित रहता है. इसे प्लेन  के पिछले हिस्से में इनस्टॉल किया जाता  है.

ब्लैक बॉक्स को नारंगी रंग का इसलिए रखा जाता है कि इसे खोजने में आसानी हो.

ब्लैक बॉक्स की मजबूती टेस्ट करने के लिए इसे 750 km/h की गति से कंक्रीट की दीवार पर फेंका जाता है और 1 घंटे तक 1100 डिग्री तापमान में रखा जाता है.

ब्लैक बॉक्स को 6000 मीटर की गहराई पर पानी के दबाव का टेस्ट किया जाता है.

ब्लैक बॉक्स हादसे के बाद 30 दिन तक तरंग भेजता है ताकि खोजकर्ता बॉक्स को खोजकर हादसे के कारण का पता लगा सके